SANATANI
Traditional · Stotra · 8 verses
केवल हरिका नाम ही मधुरसे भी मधुर, मंगलमयसे भी मंगलमय और पवित्रसे भी पवित्र है
ब्रह्मासे लेकर स्तम्बपर्यन्त सारा संसार मायामय है, केवल एक हरिका नाम ही सत्य है; नाम ही सत्य है, फिर भी [कहता हूँ कि] नाम ही सत्य है
जो सर्वदा केवल हरिनाम स्मरण करना ही सिखलाता है, वही गुरु है, वही पिता है, वही माता है और बन्धु भी वही है
श्वासका कुछ विश्वास नहीं, न मालूम कब रुक जायगा, इसलिये बाल्यावस्थासे ही केवल हरिनामका ही कीर्तन करना चाहिये
जहाँ भक्तजन भक्तिभावसे केवल हरिनामका ही गान करते हैं, वहाँ सर्वदा भगवान् विराजते हैं
अहो! महान् दुःख है! भयंकर कष्ट है!! सबसे बढ़कर शोक है!!! जो विषयरूपी काचके लिये हरिनामरूपी रत्नको बिसार दिया
केवल एक हरिनामके ही श्रवणमें कान लगाओ, वाणीसे बोलो और उसीका निरन्तर गान करो
सम्पूर्ण जगत्को तृणतुल्य करके, सबके ऊपर केवल एक हरिका शुद्ध सच्चिदानन्दघन नाम ही विराजता है
इति श्रीकैवल्याष्टकं सम्पूर्णम्
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