सामवेद पहला अध्याय सूक्ति-2

हे अग्नि देव ! शक्ति की इच्छा करने वाले मनुष्य आपको प्रणाम करते हैं | इसलिए मैं भी आपको प्रणाम करता हूं | आप अपनी शक्ति द्वारा हमारे शत्रु का … Read More

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 5

हे जलो ! क्योंकि आप संपूर्ण सुख के सागर हो इसलिए हमें सुख उपयोग करने , रमणीय तत्वों के दर्शन अभिलाषी बनने तथा ब्रह्मा से साक्षात्कार परिपुष्ट कीजिए |   … Read More

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 4

यज्ञ करता व्यक्ति माता और बहन के समान जल , सोमरस ,होमद्रव्य , दूध , को अपने मार्ग से लेकर यज्ञ में सम्मिलित होते हैं | सूरज इस जल के … Read More

भगवद गीता पहला अध्याय 

जब कौरव पांडव महाभारत के युद्ध को चले तब राजा धृतराष्ट्र ने कहा मैं भी युद्ध को देखना चलूंगा | तब श्री व्यास जी ने कहा – हे राजन ! … Read More

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति -1

हे अग्नि देवता ! हमारी वंदना से हवि प्राप्त करने हेतु आकार देवताओं को हवि पहुंचाने हेतु , उनके अहान हेतु विराजमान हो | हे अग्नि ! आप सभी यज्ञ … Read More

ऋग्वेद पहला अध्याय सूक्ति -1

पहले प्रकाशित याद करने वाला, देवदूत सत्य मुक्त अग्नि देव का पूजन करता हूं | पूर्व समय में जिनकी ऋषि यों ने आराधना की थी तथा वर्तमान में भी ऋषि … Read More

तुलसी की पूजा करना अंधविश्वास या विज्ञान?

कहा जाता है कि हिंदू धर्म दुनिया की सबसे पुराना धर्म |वेदों में कई ऐसी चीजें लिखी हुई जिसे साइंस भी सच मानती है हिंदू धर्म को मानने वाले लोग  … Read More

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 2

सभी जड़ चेतना का धारण पोषण करने वाला पर्जनय इस बाण का पिता है | इस बात को हम जानते हैं तथा सभी तत्वों से युक्त धरती इसकी माता है … Read More

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 1

जब चेतन सभी में 3 गुना 7 ( 21 ) देवता चारों ओर घूमते रहते हैं | वाणी के स्वामी ब्रह्माजी , उनकी चमत्कारी शक्ति को आज मुझे दें | … Read More