सामवेद पहला अध्याय सूक्ति -5

शक्ति के पुत्र , हमारी प्रिय , उच्च ज्ञान वाले स्वामी समस्त देवों के दूत के रूप में सम्मानित एवं अविनाशी अग्निदेव को मैं प्रणाम करते हुए आहुति प्रदान करता … Read More

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति-4

हे श्रोतागणों ! तुम सब भी अग्निदेव के लिए प्रार्थना करो | उन अविनाशी मित्र , सभी के चिर परिचित प्रिय अग्निदेव कि हम भली प्रकार प्रार्थना एवं वंदना स्तुति … Read More

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति-3

है ऋत्विजो ! तुम हिंसा ने करने वाले और यज्ञ करने वालों के भाई बलशाली तथा ज्वालाओ और युक्त अग्नि देवता की सेवा में जाओ | है अग्न्ने! अपनी तीक्ष्ण … Read More

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति-2

हे अग्नि देव ! शक्ति की इच्छा करने वाले मनुष्य आपको प्रणाम करते हैं | इसलिए मैं भी आपको प्रणाम करता हूं | आप अपनी शक्ति द्वारा हमारे शत्रु का … Read More

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति -1

हे अग्नि देवता ! हमारी वंदना से हवि प्राप्त करने हेतु आकार देवताओं को हवि पहुंचाने हेतु , उनके अहान हेतु विराजमान हो | हे अग्नि ! आप सभी यज्ञ … Read More