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अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 5

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 5

हे जलो ! क्योंकि आप संपूर्ण सुख के सागर हो इसलिए हमें सुख उपयोग करने , रमणीय तत्वों के दर्शन अभिलाषी बनने तथा ब्रह्मा से साक्षात्कार परिपुष्ट कीजिए |   जिस प्रकार माताएं स्वच्छता से अभिलाष पूर्वक अपने बच्चों को दूध पिलाकर संतुष्टि प्रदान कर […]

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 4

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 4

यज्ञ करता व्यक्ति माता और बहन के समान जल , सोमरस ,होमद्रव्य , दूध , को अपने मार्ग से लेकर यज्ञ में सम्मिलित होते हैं | सूरज इस जल के साथ साथ रहता है और सूर्य मंडल में स्थित वह जल हमारे यज्ञ को पूर्ण […]

भगवद गीता पहला अध्याय 

श्रीमद भगवद गीता पहला अध्याय 

जब कौरव पांडव महाभारत के युद्ध को चले तब राजा धृतराष्ट्र ने कहा मैं भी युद्ध को देखना चलूंगा | तब श्री व्यास जी ने कहा – हे राजन ! नेत्र के बिना क्या देखोगे | राजा धृतराष्ट्र ने कहा – देखूंगा नहीं तो श्रवण( […]

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति -1

सामवेद पहला अध्याय सूक्ति -1

हे अग्नि देवता ! हमारी वंदना से हवि प्राप्त करने हेतु आकार देवताओं को हवि पहुंचाने हेतु , उनके अहान हेतु विराजमान हो | हे अग्नि ! आप सभी यज्ञ को पूर्ण करने वाले हो | आप देवताओं का आह्वान करने वाले ऋषियो द्वारा वंदना […]

ऋग्वेद पहला अध्याय सूक्ति -1

ऋग्वेद पहला अध्याय सूक्ति -1

पहले प्रकाशित याद करने वाला, देवदूत सत्य मुक्त अग्नि देव का पूजन करता हूं | पूर्व समय में जिनकी ऋषि यों ने आराधना की थी तथा वर्तमान में भी ऋषि गण जिनकी वन्ना करते हैं , उन अग्नि देवगढ़ कोयग में निमंत्रण करता हूं|   […]

तुलसी की पूजा करना अंधविश्वास या विज्ञान?

तुलसी की पूजा करना अंधविश्वास या साइंस?

कहा जाता है कि हिंदू धर्म दुनिया की सबसे पुराना धर्म |वेदों में कई ऐसी चीजें लिखी हुई जिसे साइंस भी सच मानती है हिंदू धर्म को मानने वाले लोग  ऐसी चीजें फॉलो करते हैं जिसके साइंटिफिक रीजन यानी वैज्ञानिक कारण होते हैं लेकिन हम […]

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 2

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 2

सभी जड़ चेतना का धारण पोषण करने वाला पर्जनय इस बाण का पिता है | इस बात को हम जानते हैं तथा सभी तत्वों से युक्त धरती इसकी माता है , यह बात हम भी भली-भांति जानते हैं | इन दोनों से पुत्र “शर ” […]

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 1

अथर्ववेद पहला खंड सूक्त 1

जब चेतन सभी में 3 गुना 7 ( 21 ) देवता चारों ओर घूमते रहते हैं | वाणी के स्वामी ब्रह्माजी , उनकी चमत्कारी शक्ति को आज मुझे दें | संसार में 7 पदार्थ धरा , जल, तेज ,वायु , आकाश , तनमात्रा और गर्व […]